Saturday, September 26, 2026

कविता न 1 WAITING HAI

 

शायरी

ना उम्मीदें होती ना

शिकायते होती है़

कमज़ोर रिश्तें मे बङी

रियायतें होती है।

 

                    | SOURCE :  WAITING HAI

No comments:

कविता न 2 WAITING HAI

’’कुछ सोए हुए, कुछ जागते से, कुछ ऊँघते, सरपत भागते से। "कुछ सोए हुए, कुछ जागते से,  कुछ ऊँघते, सरपत भागते से।  कुछ रंग, बिरंग फीका कुछ,...